सह्याद्रि के एक दिन के ट्रेक के लिए बैग में क्या रखें
हर ट्रेक से पहले हम जो छोटी सूची भेजते हैं, और उसमें हर चीज़ क्यों है।

Travel Firse के हर ब्रोशर के आख़िर में एक ही सूची होती है। वह जानबूझकर छोटी है: एक बैकपैक, और ऐसा कुछ नहीं जो सुबह 7 बजे गीली चट्टान पर चढ़ते हुए बोझ लगे।
चार ज़रूरी चीज़ें
- अच्छी पकड़ वाले जूते। ट्रेकिंग शूज़ या स्पोर्ट्स शूज़। बारिश में चट्टानें फिसलन भरी होती हैं; सपाट तले वाले जूते यानी मुड़ा हुआ टखना।
- 2–3 लीटर पानी। ज़्यादातर रास्तों पर कोई दुकान नहीं होती। एक भारी कैन की जगह बोतलों में रखें।
- टॉर्च या हेडलैम्प। कलसूबाई और हरिश्चंद्रगढ़ जैसे रात के ट्रेक अँधेरे में शुरू होते हैं।
- पहचान पत्र। वन चौकियों और कुछ प्रवेश स्थलों पर माँगा जाता है।
पहनकर आएँ
ड्राई-फिट फुल ट्रैक पैंट और फुल स्लीव टी-शर्ट। ये जल्दी सूखते हैं और काँटों व जोंक से बचाते हैं। जींस वापसी के सफ़र के लिए रखें।
बैग में
- रेनकोट, पोंचो या विंडचीटर। छाता नहीं: रास्ते पर दोनों हाथ खाली चाहिए।
- कपड़ों, मोज़ों और जूतों का एक अतिरिक्त जोड़ा। पुणे की वापसी लंबी होती है।
- रेडी-टू-ईट स्नैक्स और आपकी निजी दवाइयाँ।
- कलसूबाई या हरिश्चंद्रगढ़ की रात के लिए जैकेट।
- मानसून के बाद की धूप के लिए टोपी और धूप का चश्मा।
घर पर छोड़ें
स्लिंग बैग (वह झूलता है और संतुलन बिगाड़ता है), ऐसा कोई भी प्लास्टिक जिसे आप वापस नहीं लाएँगे, और तेज़ स्पीकर। हमारे किसी भी ट्रेक पर शराब, धूम्रपान और तेज़ संगीत की अनुमति नहीं है।
हर ट्रेक पेज पर टिक करने लायक और प्रिंट करने लायक अलग सूची है।